कॉलेज छात्रा ने स्वयंभू बाबा के आश्रम में कीटनाशक खाकर की खुदकुशी, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मंगलवार, 15 फरवरी को तिरुवल्लूर जिले में कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन करने से एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्र की मौ’त हो गई। लड़की तिरुवल्लुर के एक आश्रम में रह रही थी और मुनुसामी नामक एक स्वयंभू संत द्वारा इलाज करा रही थी।

हेमामालिनी नाम की लड़की को उसके माता-पिता 2020 में आश्रम लाए थे, और उसका पेट दर्द और गर्दन के दर्द जैसी कई पुरानी बीमारियों का इलाज चल रहा था। लड़की को कथित तौर पर अमावस्या और पूर्णिमा के दिनों में कई पूजाओं में भाग लेने के लिए कहा जाता था, जो कि लड़की के लिए होते हैं।

मंगलवार को हेमामालिनी ने कथित तौर पर आश्रम में उल्टी करना शुरू कर दिया। लड़की की मौसी, इंद्राणी, मौके पर थी और उसने स्वयंभू गुरु से कहा कि हेमामालिनी को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है।

परिवार ने आरोप लगाया कि मुनुसामी ने लड़की और उसकी चाची को कुछ घंटों के बाद एक ऑटोरिक्शा से जाने की इजाजत दी। परिवार ने आरोप लगाया कि कुछ गड़बड़ थी और यहां तक ​​कि लड़की को आश्रम छोड़ने की इजाजत नहीं दी गई थी।

कंप्यूटर साइंस में बीएससी कर रही हेमामालिनी को ऑफलाइन क्लासेज शुरू होने के बावजूद कॉलेज जाने की इजाजत नहीं थी। हेमामालिनी को तिरुवल्लूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बिना उसकी मौ’त हो गई। उसकी देखभाल करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि हेमामालिनी ने कीटनाशक का सेवन किया था।

इस बीच, स्वयंभू धर्मगुरु मुनुसामी से अब पुलिस पूछताछ कर रही है। उन्होंने पूजा और हर्बल उपचार से बीमारियों को ठीक करने का दावा किया। पूंडी के पास वेल्लाथुकोट्टई में उनका एक आश्रम भी है। लड़की के श’व को पोस्टमॉ’र्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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