सरकारी कंपनियों के बेचने पर भड़के सुब्रमण्यम स्वामी, बताया – मानसिक दिवालियापन

अर्थव्यवस्था को लेकर हमेशा ही मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इस बार मोदी सरकार को सरकारी कंपनियों को बेचे जाने को लेकर निशाने पर लिया है। साथ ही मोदी सरकार के इस कदम को मानसिक दिवालियापन का संकेत करार दिया।

उन्होने कहा कि जब अर्थव्यवस्था लगातार गिर रही हो तो सार्वजनिक उद्यम बेचना मानसिक दिवालियापन है। उन्होंने कहा, मोदी सरकार इससे इंकार नहीं कर सकती कि हर तीसरे महीने जीडीपी की ग्रोथ गिरती रही है, यह एक अच्छी स्थिति नहीं है। बता दें कि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी कंपनियों के लीज पर देने की घोषणा की है।

दरअसल बीते दिनों केंद्रीय वित्त मंत्री ने देश की 7 बड़ी सरकारी कंपनियों के निजी हाथों में सौंपने की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देना चाहती है, इसलिए PSU के लिए एक नीति भी लेकर आई है। उन्होने आगे कहा, सरकार अपने विनिवेश कार्यक्रम को लेकर प्रतिबद्ध है। वह बजट में घोषित सरकारी कंपनियों के विनिवेश को लेकर आगे बढ़ रही है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस वित्त वर्ष में 1.75 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प किया है। इसके लिए  एयर इंडिया (Air India), भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum), बीईएमएल (BEML), शिपिंग कॉरपोरेशन (Shipping Corp) और कंटेनर कॉरपोरेशन (Container Corp) का निजीकरण किया जाएगा। इन सभी कंपनियों का निजीकरण इसी साल होगा। इसके अलावा दो सरकारी बैंक और LIC में हिस्सेदारी भी बेची जाएगी।

स्वामी ने केवल अर्थव्यवस्था बल्कि चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर भी मोदी सरकार की आलोचना की है। उन्होने कहा, यदि चीन भारतीय क्षेत्र को खाली नहीं करता है और 1993 के समझौते के तहत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर वापस नहीं जाता है, तो भारत को उससे युद्ध करना चाहिये।

उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि भारत को चीन के साथ केवल सीमा विवाद को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए और हांगकांग, ताइवान व तिब्बत के बारे में बात करके पड़ोसी देश को ‘उकसाना’ नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, ‘चीन भारत के लिए एक असाधारण रूप से महत्वपूर्ण और खतरनाक चुनौती है… इसलिए, भारत को अपनी रणनीति इस तरह से तैयार करनी चाहिए कि वह खतरे का सामना करते हुए अंत में चीन को उसकी जगह पहुंचा दे।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *