कृषि कानूनों की वापसी पर बोले राकेश टिकैत – ”तत्काल वापस नहीं होगा किसान आंदोलन”

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानूनों को रद्द कर देगी। मोदी ने गुरु परब के अवसर पर राष्ट्र के नाम एक संबोधन में कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में महीने के अंत तक कानूनों को निरस्त कर दिया जाएगा। लेकिन किसानों ने आंदोलन को वापस लेने से इंकार कर दिया।

किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि  ‘आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें।’ उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें मोदी पर विश्वास नहीं है। टिकैत ने कहा कि पीएम ने 15-15 लाख रुपये देने का भी ऐलान किया था लेकिन आज तक कितनों को 15 लाख रुपये मिले?

वहीं एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा कि अभी एमएसपी पर स्थिति साफ नहीं हुई है। जब संसद में तीनों कानून वापस हो जाएंगे तभी आंदोलन भी वापस होंगे। टीकैत ने कहा, मुझे मोदी पर विश्वास नहीं है। उन्होंने 15-15 लाख रुपये देने का भी ऐलान किया था।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने कहा, “आज, मैं सभी विरोध करने वाले किसानों से अपील करता हूं – गुरु परब के शुभ दिन, कृपया अपने घरों में लौट आएं।” “मैं आपसे अपने खेतों और अपने परिवारों में लौटने की अपील करता हूं। आइए एक नई शुरुआत करें।” हालांकि विरोध कर रहे किसानों ने आशंका व्यक्त की कि केंद्र सरकार के नए कानून उन्हें कॉर्पोरेट शोषण के प्रति संवेदनशील बना देंगे और न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था को खत्म कर देंगे।

मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को शुद्ध इरादे से पेश किया, लेकिन कुछ किसानों को उनका महत्व नहीं समझा सका। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, खासकर छोटे काश्तकारों के हित में और ग्रामीण गरीबों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कानून लाई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं लोगों से क्षमा चाहता हूं और शुद्ध मन से कहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में कुछ कमी थी।” मोदी ने कहा कि कृषि कानून इसलिए लाए गए ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और उन्हें बेचने के अधिक विकल्प मिल सकें। उन्होंने कहा कि किसान, विशेषज्ञ और किसान संगठन सालों से ये मांग करते आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन कर रहे किसानों की चिंताओं को सुनने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मोदी ने कहा, “सरकार उन प्रावधानों को भी संशोधित करने को तैयार है जिनका किसानों ने विरोध किया था।” हालाँकि, प्रधान मंत्री ने दावा किया कि करोड़ों किसानों और कई किसान संगठनों ने कानूनों का स्वागत और समर्थन किया। मोदी ने कहा, “मैं उन सभी का बहुत आभारी हूं और मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।”

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