प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार से पूछा – नोटबंदी सफल थी तो क्यों खत्म नहीं हुआ भ्रष्टाचार, वापस क्यों नहीं आया कालाधन ?

नोटबंदी के आज पांच साल पूरे हो गए है। विपक्ष मोदी सरकार को नोटबंदी के मुद्दे पर घेरे हुए है। विपक्ष अपने कड़े सवालों पर मोदी सरकार से जवाब मांग रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पूछा कि नोटबंदी अगर सफल थी तो फिर भ्रष्टाचार खत्म क्यों नहीं हुआ और आतं’कवाद पर चोट क्यों नहीं हुई?

उन्होने ट्वीट कर कहा, ‘‘अगर नोटबंदी सफल थी तो, भ्रष्टा’चार खत्म क्यों नहीं हुआ? कालाधन वापस क्यों नहीं आया? अर्थव्यवस्था कैशलेस क्यों नहीं हुई? आतं’कवाद पर चोट क्यों नहीं हुई? महंगाई पर अंकुश क्यों नहीं लगा?’’

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नोटबंदी’ करके भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया। खड़गे ने कहा, ‘‘मोदी जी ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी और आज इसे पांच साल हो गये । बेरोजगारी बढ़ी है। छोटे कारोबार प्रभावित हुये हैं और बंद हो चुके हैं । उन्होंने (मोदी ने) नोटबंदी के माध्यम से देश की बेहतर अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया ।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आज स्थिति यह है कि नोटबंदी के कारण जिन लोगों की नौकरी गयी है उन्हें नौकरी नहीं मिली है। देश के लोगों के लिये यह एक ‘‘काला दिन’’ है । आज करेंसी नोटों का चलन लगातार बढ़ रहा है और यह 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।’’

इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सोमवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नोटबंदी के ऐलान के बाद किए गए ट्वीट शेयर किए। उन्होने नोटबंदी को अर्थव्यवस्था के लिए ‘काला दिन’ करार देते हुए ट्वीट में लिखा, “8 नवंबर 2016 की रात नोटबंदी की घोषणा के कुछ घंटों बाद सिर्फ ममता बनर्जी ही पकड़ पाई थीं इससे क्या नुकसान होगा। इसे बेरहम फैसला करार देते हुए पांच ट्वीट किए।”

बता दें कि नोटबंदी को लेकर अपने ट्वीट में ममता बनर्जी ने कहा था कि सरकार इस कठोर फैसले को वापस ले। प्रधानमंत्री ने विदेशों से काला धन लाने का जो वादा किया था उसे पूरा नहीं कर पाए हैं इसलिए अपनी नाकामी को छिपाने के लिए यह एक ड्रामा है। यह एक वित्तीय अराजकता है और भारत के आम लोगों पर एक आपदा है।”

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