मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत 172 जोड़ों का भोपाल में सामूहिक विवाह

गुलाम कादिर / भोपाल
मुख्यमंत्री निकाह योजना का मध्य प्रदेश के मुस्लिम समुदाय ने व्यापक तौर पर स्वागत किया है. इसकी बेहतर मिसाल है 172जोड़ों का एक साथ शादी सूत्र के बंधन में बंधना.भोपाल सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान न केवल दूल्हा-दुल्हन को सफल वैवाहिक जीवन के टिप्स दिए गए, मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को उपहार देकर विदा भी किया गया.

मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने निकाह योजना को समय की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के इस पहल की तारीफ की है.आलिम और निकाह योजना के तहत निकाह पढ़ाने वाले हाफिज मुहम्मद जुनैद ने कहा कि इस्लाम में निकाह बेहद सादे तरीके से करने का हुक्म है.

मगर दूसरे समाजों की तरह मुस्लिम समाज में भी दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई जड़ें जमा चुकी है. हद यह कि अमीर आदमी अपने बेटे-बेटियों की शादी न केवल बड़े बजट के साथ करता है, ताम-झाम इतनी होती है कि देखकर आंखें चुंधिया जाएं. लेकिन एक गरीब यह सब नहीं कर सकता. मुख्यमंत्री निकाह योजना समाज के उन गरीब तबके के लिए आशा की किरण जैसी है जिनकी बेटियां बड़ी हो गई हैं और चाहकर भी शादी के बंधन में नहीं बंध पा रही हैं.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत 172जोड़ों का विवाह कराया गया. उन्हें योजना के तहत उपहार भेंट किए गए.हाफिज मुहम्मद जुनैद ने बताया कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने निकाह योजना के तहत लड़कियों के खाते में पैसा ट्रांसफर करने का अधिकार भी दिया है. इस कदम की जितनी तारीफ की जाए कम है.

मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत निकाह करने वाले गुलफाम खान ने कहा कि यह बेहतरीन योजना है. इसे स्थायी तौर से लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि मेरे माता-पिता कई सालों से मेरी शादी को लेकर चिंतित थे. उनकी व्यथा को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. मेरी शादी उस व्यक्ति से हुई है जिसे मेरे माता-पिता ने मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत मेरे लिए चुना है. सिर्फ मेरी आंखें ही नहीं मां के आंसू भी मेरी खुशी बयां करने के लिए काफी है.

मुजमिल का कहना है कि गरीब होना सबसे बड़ी सजा है. मुझे खुशी है कि आज मुख्यमंत्री निकाह योजना से मेरे माता-पिता के सिर से एक बड़ा बोझ उतर गया . मेरी शादी की दुआ के लिए हजारों हाथ उठे. मैं धन्य हूं कि मेरा विवाह ऐसी जगह पढ़ाया गया , जहां सौ श्रेष्ठ बहनों का एक साथ विवाह हुआ है.

साभार: आवाज द वॉइस

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