यूक्रेन में सैकड़ों भारतीय छात्रों के लिए सहारा बने किठौर के आलमगीर

रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध का असर वहां रह रहे भारतीयों पर भी पड़ा है। एमबीबीएस के हजारों भारतीय छात्र वहां फंसे हुए है। एक अनुमान के मुताबिक यूक्रेन में क़रीब 20 हज़ार भारतीय रहते हैं, इनमें से अधिकतर छात्र हैं। जो फ्लाइट बंद होने की वजह से वहां पर फंस गए है।

इसी बीच मेरठ (meerut) के किठौर के रहने वाले इन छात्रों के लिए एक बड़े मसीहा बनकर सामने आए है। आलमगीर  युद्ध के समय में फंसे छात्रों तक जरूरत का सामान पहुंचा रहे हैं। जब छात्रों की कोई मदद करने वाला नही है। ऐसे में वह मानवता के नाते अपना फर्ज निभा रहे है।

किठौर के ग्राम ललियाना के रहने वाले आलमगीर 6 साल पहले मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए थे। एमबीबीएस (MBBS) में अंतिम वर्ष (Last year) के छात्र आलम पढ़ाई के साथ-साथ वहां एक एजुकेशन कंपनी (education company) से भी जुड़ गए।

आलम के अनुसार, वे किठौर व आसपास की जगहों से काफी छात्रों का एडमिशन यूक्रेन में करा चुके हैं। रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ जाने के बाद हालात खराब हो गए। छात्रों को बंकरो में पहुंचा दिया गया।

उन्होने ब्ताया कि बंकरो में जब उनके पास खाने-पीने की वस्तुओं की कमी होने लगी  तो वह अपनी कंपनी के सहयोग से सभी छात्रों को जितना हो सकता है, सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। यूक्रेन में फंसे छात्रों को भारत भेजने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहे हैं।

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