कर्नाटक हिजाब विवाद: छात्राओं को मिली कॉलेज में प्रवेश की अनुमति, लेकिन अलग कमरे में बैठाया

कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने हिजाब पहनने वाली लड़कियों को एक अलग कमरे में बैठने की खबर पर कहा कि यह विरोध करने वाली छात्राओं की पसंद है कि वे अलग बैठें और अपना विरोध जारी रखें।

पहले की रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था कि हिजाब पहनने वाली छात्राओं को कुंडापुरा के सरकारी पीयू कॉलेज के परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्हें अलग कक्षाओं में बैठाया जाएगा।

अपने ट्वीट में मंत्री ने कहा कि कैंपस के बाहर प्रदर्शन कर रही लड़कियों को शिष्टाचार के तौर पर अंदर जाने दिया गया। ट्वीट में यह स्पष्ट किया गया कि लड़कियों को भी उचित ड्रेस पहनने और कक्षाओं में भाग लेने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने एक अलग कमरे में बैठने और विरोध जारी रखने का विकल्प चुना।

मंत्री बीसी नागेश का ट्वीट उन खबरों को लेकर था, जिसमें कहा गया था कि हिजाब पहनने वाली लड़कियों को अलग-अलग कक्षाओं में बैठाया गया है और कक्षाओं से वंचित कर दिया गया।

उन्होंने इस बात की पुष्टि करते हुए इस मुद्दे पर हवा साफ कर दी कि यह विरोध करने वाले छात्रों की पसंद है कि वे अलग बैठें और अपना विरोध जारी रखें। उन्होंने अपने ट्वीट को यह कहते हुए खत्म किया कि छात्राओं को कक्षाओं में भाग लेने के लिए ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए।

मंत्री ने कहा, “जो लोग हिजाब, भगवा या हरे रंग की शॉल पहनते हैं, उनके लिए कोई कक्षा नहीं है। यदि आप कक्षा में प्रवेश करना चाहते हैं और पढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें संस्था द्वारा निर्धारित ड्रेस का पालन करना होगा।”

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