बंगलुरू. कर्नाटक के गडग जिले के एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने छात्रों से पैगंबर मोहम्मद पर निबंध लिखने के लिए कहा था. इसके तुरंत बाद, दक्षिणपंथी संगठन श्री राम सेना ने प्रधानाध्यापक पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया था.
घटना 27 सितंबर को नागवी गांव के सरकारी हाई स्कूल में हुई थी. दक्षिणपंथी कार्यकर्ता प्रधानाध्यापक अब्दुल मुनफर बीजापुर के कमरे में घुस गए और गाली-गलौज करने लगे. प्रधानाध्यापक ने समझाने की कोशिश की कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था. उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों के बीच लिखावट में सुधार के लिए, हमने एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया. मैं इस्लाम को बढ़ावा नहीं दे रहा था.’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘हर महीने कम से कम एक या दो इवेंट होते हैं जहां हम प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं. हमने पूर्व में भी कनक दास, पुरंदर दास और अन्य व्यक्तित्वों पर कार्यक्रम और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की हैं. ये निबंध प्रतियोगिताएं छात्रों को इन व्यक्तित्वों से परिचित कराने और उनकी लिखावट में सुधार करने में मदद करने के लिए आयोजित की जाती हैं. ’’
दावा है कि कोई व्यक्ति स्कूल आया और विजेता के लिए 5,000 रुपये की पेशकश की और वह सहमत हो गया. एक शिक्षक के रूप में उन्हें ऐसी चीजों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. वह एक तरह से युवा दिमागों में इस्लाम को बढ़ावा देकर अन्य समुदायों को बदनाम कर रहे हैं. सार्वजनिक निर्देश के उप निदेशक जी एम बसवलिंगप्पा ने कहा कि मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं. गुरुवार को प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया.
साभार: आवाज द वॉइस