चीन के साथ तेजी से बढ़ा भारत का आयात, यूजर बोले – अब कहां गए झालर का बहिष्कार करने वाले?

सीमा पर चीन के साथ अभी पूरा मामला सुलझा नहीं कि भारत ने चीन के साथ अपने आयात को तेजी के साथ बढ़ा दिया है। जहां एक तरफ लद्दाख में घुसपेठ हुई तो वहीं दूसरी और भारत सरकार अपने व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करती दिखी। यह दावा हम नहीं बल्कि चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने किया है। जिसकी पुष्टि हम नहीं करते है।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले महीने ही एक बयान जारी कर कहा था कि भारत-चीन व्यापार संबंध में पूरी मजबूती दिख रही है और इस साल की पहली तिमाही में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार सालाना आधार पर 42.8 प्रतिशत बढ़कर 27.7 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता गाओ फेंग ने कहा था कि साल 2020 में चीन और भारत का व्यापार कुल 87.6 अरब डॉलर था।

चीनी प्रवक्ता ने कहा था कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापार संबंधों को प्रदर्शित करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़े कहते हैं कि भारत ने 2020 में चीन से 58.7 अरब डॉलर मूल्य का सामान आयात किया। यानी कुल व्यापार में 67 फीसदी हिस्सा भारत की ओर से आयात का रहा।

भारत और चीन के बीच 1996-97 में व्यापार कम था। इस दौरान भारत के कुल आयात में चीन का हिस्सा महज 1.93% ही रहा था। हालांकि, साल 2000-01 के बाद से यह लगातार बढ़ता गया। यूपीए के शासन की बात करें, तो 2004-05 की शुरुआत में दुनियाभर से भारत जितना आयात करता था, उसका 6.36 फीसदी हिस्सा चीन से आता था। हालांकि, इसके बाद 2006-07 में यह आंकड़ा 9.40%, 2012-13 में यह 10.64% तक पहुंच गया था।

यूपीए सरकार के जाने और एनडीए के आने के बाद भी भारतीय आयात में चीन का हिस्सा बढ़ता चला गया। 2014-15 में भारत के आयात का 13.48 फीसदी हिस्सा चीन का रहा। 2016-17 में यह 15.94%, 2017-18 में 16.40% रहा। डोकलाम विवाद के बाद भारत ने चीन से व्यापार कम करने की कोशिश की और 2018-19 में कुल आयात में चीन का हिस्सा 13.68% तक गिर गया। 2019-20 में यह 13.73% तक आ गया था।

वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 के अप्रैल से फरवरी के जो प्रोविजनल आंकड़े आए, उनके मुताबिक, भारत में चीन की ओर से आयात अब तक के सबसे ऊंचे आंकड़े 16.92 फीसदी तक पहुंच चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *