चारा घोटाला: डोरंडा कोषागार मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद को दोषी करार दिया

रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने आज राजद प्रमुख लालू प्रसाद को पांचवें चारा घोटाला मामले में डोरंडा कोषागार से धोखाधड़ी से निकासी का दोषी ठहराया। सजा पर फैसला 21 फरवरी को होगा।

चारा घोटाले के चार अन्य मामलों में पहले ही दोषी ठहराए जा चुके लालू प्रसाद भी पांचवें और अंतिम मामले में आरोपी थे। राजद सुप्रीमो रविवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिरी लगाने रांची पहुंचे थे।

अदालत ने 29 जनवरी को लालू प्रसाद से जुड़े 139.35 करोड़ रुपये के डोरंडा कोषागार गबन मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। विशेष सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के न्यायाधीश एसके शशि की अदालत ने प्रसाद सहित 99 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी की थी, जो पिछले साल फरवरी से चल रही थी।

अंतिम आरोपी शैलेंद्र कुमार की ओर से दलीलें 29 जनवरी को पूरी की गईं। फैसले के दिन सभी आरोपियों को अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया था। मामले के  170 आरोपियों में से 55 की मौ’त हो चुकी है, सात सरकारी गवाह बन चुके हैं, दो ने अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार कर लिए हैं और छह फरार हैं।

प्रसाद के अलावा पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, तत्कालीन लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष ध्रुव भगत, पशुपालन सचिव बेक जूलियस और पशुपालन सहायक निदेशक डॉ के एम प्रसाद मुख्य आरोपी हैं।

राजद सुप्रीमो, जिन्हें 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है और कुल 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, ने दुमका, देवघर और चाईबासा कोषागार से जुड़े चार मामलों में जमानत हासिल कर ली है।

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