केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों न आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। जो प्रधान मंत्री नरेन्द्र्द मोदी […]

सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है। जिसमे एक शख्स को तैरकर बाढ़ से आए गहरे पानी को पार करते हुए देखा जा सकता है। यह शख्स एक

गहरे पानी में तैरकर नमाज पढ़ाने मस्जिद जाता है ये इमाम, VIDEO हुआ वायरलRead More »

रवीश कुमार इस योजना से मिलने वाले रोज़गार को लेकर अख़बारों में तीन आँकड़े हैं। तीनों अमर उजाला में छपे हैं। जानकारों के नाम पर दिए जाने वाले रोज़गार के

रवीश कुमार: ज़ेवर में बन रहे एयरपोर्ट से कितना रोज़गार मिलेगा?Read More »

रवीश कुमार पुरानी पेंशन व्यवस्था ख़त्म की जा चुकी है। बैंकों में बचत दर अब न्यूनतम स्तर पर है। नई पेंशन स्कीम है। इसका क्या रिकार्ड रहा है, क्या यह

पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा की सभी नीतियों पर बहस हो और अध्ययन होRead More »

प्रधानमंत्री किसानों से बात करना पसंद करते हैं लेकिन उन किसानों से नहीं जो मुद्दों की जानकारी रखते हैं और माँग करते हैं। आपने शायद ही कोई दृश्य ऐसा देखा

रवीश कुमार: प्रधानमंत्री को किसान पसंद नहीं और किसानों को उन पर भरोसा नहींRead More »

रवीश कुमार इस कहानी में झोल है। हंसी भी आती है कि लोग ख़ुद को और जमाने को कितना बेवकूफ समझते हैं। कहानी यह है कि डॉ प्रवीण कुमार की क्लिनिक के बाहर तीन लोग कुछ बातें करते हैं। इसे सुनकर प्रवीण कुमार अपने क्लिनिक/ घर से भाग जाते हैं। पाँच दिन बाद तीनों लोग फिर आते हैं और पूछताछ करते हैं। उन्हें देखकर डॉ प्रवीण कुमार फिर भाग जाते हैं। ग़ाज़ियाबाद से दिल्ली भागते हैं। भागते हुए पुलिस को नहीं बताते हैं। तब तक ये तीनों उनके पीछे पीछे उस दोस्त के घर पहुँच जाते हैं जिसके यहाँ डॉ प्रवीण कुमार भाग कर छिप जाते हैं। वहाँ पर तीनों डॉ के दोस्त के साथ मारपीट करते हैं। वहाँ से डॉ प्रवीण को फिर से ग़ाज़ियाबाद ले आते हैं और अपनी कार में घुमाते हैं। उन्हें बताते हैं कि जीएसटी अफ़सर हैं। मेरठ जेल में बंद कर देंगे। तीस लाख दो। भोले डॉक्टर साहब कहते हैं कि तीस लाख तो नहीं। दस लाख लाकर दे देते हैं। बाद में पता चला कि वे नक़ली जीएसटी अफ़सर थे। तो डॉ प्रवीण कुमार को नक़ली जीएसटी अफ़सर से क्यों डर लगा? क्यों भाग रहे थे? असली जीएसटी ही समझ कर भाग रहे होंगे?

रवीश कुमार: दरवाज़े के बाहर जीएसटी जीएसटी बतियाता सुन क्यों भागा डॉक्टर !Read More »

दिल्ली हाईकोर्ट ने यूपी की शामली पुलिस को फटकार लगाई थी। कहा था कि विवाह के मामले में आपने देखा नहीं कि आरोपी की उम्र क्या है? शामली से दिल्ली आकर पुलिस लड़के के भाई और पिता को ले गई। इस पर जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने कहा कि यहां दिल्ली में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी. आप यहां अवैध काम नहीं कर सकते. कोई आपके पास आता है और आप उसकी उम्र की पुष्टि किए बिना गिरफ्तारी करने लगते हैं? चाहे वह नाबालिग हो या बालिग? कोर्ट ने एसएचओ, पुलिस थाना, शामली को केस फाइल के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया था. इस मामले में एसपी सुकीर्ति माधव ने कोतवाली के प्रभारी पंकज त्यागी और उप निरीक्षक नरेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया है। मैं बार बार गुज़ारिश कर रहा हूँ कि पुलिस को पुलिस बनना होगा। अगर वह इस तरह से काम करेगी

ये दिल्ली है…यहां ग़ैर कानूनी काम न करे यूपी पुलिस, यूपी में चलता होगा, यहां नहींRead More »