इसे उन लोगों की बदकिस्मती कहूं या कुछ और, मैंने जब भी वोट डाला, मेरा उम्मीदवार चुनाव हार गया। एकाध बार किसी के भाग्य ने जोर मारा हो तो बात […]

बेशक इस्लाम औरत को हुक्म देता हैं कि वह पर्दे में रहे। दुनिया के सामने अपने जिस्म और खूबसूरती की नुमाइश (प्रदर्शन) न करें सिवाय उसके शौहर (पति) के। क्यों

इस्लाम पर्दे का हुक्म क्यों देता हैं? पेश हैं एक वैज्ञानिक रिपोर्ट।Read More »

यह लेख गुरदीप सिंह सप्पल की फेसबुक टाइम लाइन से लिया गया है जो राज्यसभा टीवी के पूर्व सीईओ रहे हैं। वे अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर लिखते हैं कि पांच

शेरशाह सूरी से सीखना चाहिए की मात्र 5 वर्ष के कार्यकाल में विकास कैसे होता हैRead More »

डॉ फर्रुख़ ख़ान, एडवोकेट ✍️ काफी अरसे से इस मुद्दे पर लिखने की सोच कहा था लेकिन हर तरफ से विरोध के डर से रुक जाता था। आख़िरकार हिम्मत जुटाकर

सोशल मीडिया पर नफरत से मुकाबला और इलाजRead More »

कमजोर होते बैंक, और आर्थिकी का एक नया संकट एनडीटीवी की एक खबर के अनुसार, रिजर्व बैंक ने मंगलवार को, बैंकिंग सिस्‍टम में करीब 22 हजार करोड़ रुपये की पूंजी

दिसंबर से दुनियाभर में आने वाली है अब तक की सबसे बड़ी और लंबी चलने वाली आर्थिक मंदी!Read More »

गोदी मीडिया सरकार की जूती चाट ले लेकिन जब सरकार को मीडिया पर बोलना होता है तब वह भी वही बात कहती है जो हम लोग कहते आए हैं। सरकार

रवीश कुमार ने पूछा- ‘अंबानी अपने परिवार के साथ अपना टीवी चैनल देख पाते होंगे?’Read More »

शव के साथ प्रदर्शन करना अपराध कैसे हो सकता है? इस देश में ग़रीब और कमज़ोर के अधिकारों पर हर दिन हमला हो रहा है। अगर हाथरस केस में या

रविश कुमार: योगी राज में शव के साथ प्रदर्शन करना अपराध घोषित!Read More »