‘अमीरों के लिए है बजट, इसमें गरीबों और वेतनभोगी लोगों के लिए कुछ भी नहीं’

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट को अमीरों के लिए बताते हुए कहा कि इस साल गरीब या वेतनभोगी लोगों के लिए कुछ भी प्रदान नहीं किया गया है।

उन्होने कहा, “सरकार ने पहले कहा था कि वह 2022 तक गरीबों के लिए 4 करोड़ घर बनाएगी। अब यह स्पष्ट हो गया है कि केवल 2 करोड़ घर बनाए गए हैं। और अब, उन्होंने 80 लाख और घर बनाने का वादा किया है। इसलिए ये सारे वादे खोखले साबित हो रहे हैं।’

खड़गे ने वेतनभोगी वर्ग को कोई राहत नहीं देते हुए कॉरपोरेट करों में कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘इसलिए मैं कह रहा हूं कि यह बजट उन अमीरों के लिए है जो इस सरकार के दोस्त हैं। इसका उद्देश्य विनिवेश को बढ़ावा देना है।”

राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि बजट से बहुत उम्मीदें हैं, खासकर जब रोजगार सृजन और मध्यम वर्ग और गरीबों को राहत की बात आती है।

शर्मा ने कहा, “ऐसा नहीं हुआ है। बजट निराशाजनक है। सरकारी कर्मचारियों या आयकर दाताओं के लिए कोई राहत नहीं है, और न ही रोजगार सृजन के लिए कोई रोडमैप है। भारत की अर्थव्यवस्था लगातार संघर्ष कर रही है। केवल जीडीपी आंकड़े बताकर, आप इस दर्दनाक तथ्य को दूर नहीं कर सकते कि 31 मार्च, 2022 को हम ठीक वैसे ही होंगे जहां हम दो साल पहले थे।”

उन्होंने कहा, “बजट में अनौपचारिक क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं है जो विकास का प्रेरक इंजन था और भारत के 90 प्रतिशत कर्मचारियों को रोजगार देता है। एलआईसी में विनिवेश हमारे नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा से समझौता करता है।”

शर्मा ने आगे कहा कि सरकार ने पिछले साल जो विनिवेश लक्ष्य निर्धारित किया था, वह भी पूरा नहीं हुआ है। “92 फीसदी की कमी है। मैन्युफैक्चरिंग की बात करें तो इसमें 24 फीसदी का अंतर है। और जीडीपी के मामले में… अगर आप वास्तविकता पर नजर डालें तो यह अंतर 12 फीसदी जितना बड़ा है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *