बीजेपी पर मेहरबान हुई सपा-बसपा, निर्विरोध चुने गए BJP के 21 जिला पंचायत अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सीधी लड़ा’ई का दावा किया है। लेकिन दोनों ही पार्टियों के दावों की पोल उस वक्त खुल गई जब 21 जिलों में संख्या बल न होने के बावजूद बीजेपी के जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध नियुक्त हुए।

राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने मंगलवार देर रात परिणाम जारी किए। परिणामों के अनुसार, चित्रकूट, आगरा, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, ललितपुर, झांसी, बांदा, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, गोरखपुर, मऊ और वाराणसी में भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध चुना गया। यानि सपा, बसपा और कांग्रेस सहित किसी भी पार्टी ने विरोध में कोई उम्मीदवार ही नहीं उतारा।

इसके अलावा सहारनपुर, बहराइच, पीलीभीत और शाहजहांपुर में विपक्ष समर्थित उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। जिससे भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को सीधा फाइदा हुआ और वे निर्विरोध चुने गए।

हालांकि एक सीट पर बीजेपी ने सपा का विरोध नहीं किया। इटावा में समाजवादी पार्टी (सपा) के अंशुल यादव ने बिना किसी मुकाबले के सीट जीती। बता दें कि अंशुल यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई है। अब  शेष 53 सीटों पर शनिवार को मतदान और मतगणना होगी। राज्य चुनाव आयुक्त मनोज कुमार ने ये जानकारी दी।

इसके अलावा शाहजहांपुर में तो हद हो गई। सपा समर्थित उम्मीदवार बीनू सिंह ने बीजेपी ही जॉइन कर ली और भाजपा की ममता यादव के निर्विरोध में चयन में अपना समर्थन दे दिया। इसके अलावा पीलीभीत में सपा उम्मीदवार स्वामी प्रकाशानंद ने भाजपा समर्थित बलजीत कौर को जिताने के लिए अपना नामांकन वापस ले लिया। सहारनपुर में, बसपा समर्थित जयवीर उर्फ जॉनी ने अपना नामांकन पत्र वापस लेकर भाजपा समर्थित मंगे राम चौधरी को वाकओवर दिया।

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