समीर वानखेड़े पर आर्यन खान को फंसाने का आरोप लगाने वाले गवाह प्रभाकर सेल की मौत

अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े मुंबई क्रूज शिप ड्रग्स मामले में गवाह प्रभाकर सेल का शुक्रवार को महाराष्ट्र की राजधानी में उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, इंडिया टुडे ने उनके वकील का हवाला देते हुए ये जानकारी दी।

सेल का प्रतिनिधित्व कर रहे एडवोकेट तुषार खंडारे ने इंडिया टुडे को यह भी बताया कि उनके मुवक्किल के परिवार को किसी भी तरह की गड़बड़ी का संदेह नहीं है। हालांकि, महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि उनकी मौत की जांच की जाएगी। उन्होने पूछा, “इतना मजबूत और स्वस्थ आदमी अचानक कैसे मर सकता है?”

सेल को अक्टूबर में ड्रग्स मामले में गवाह बनाया गया था। उन्होंने कथित तौर पर जांचकर्ता किरण गोसावी को 18 करोड़ रुपये के सौदे के बारे में बताया था, जिसमें से 8 करोड़ रुपये तत्कालीन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े को दिए जाने थे। एक हलफनामे में, सेल ने खुद को गोसावी के अंगरक्षक के रूप में बताया था।

गोसावी ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का गवाह भी है। वह ड्रग रोधी एजेंसी के दफ्तर के अंदर आर्यन खान के साथ एक सेल्फी में नजर आए थे। अपने हलफनामे में, सेल ने दावा किया था कि गोसावी ने उसे किसी से 50 लाख रुपये नकद लेने के लिए कहा था और बाद में उसे सैम डिसूजा नाम के एक व्यक्ति को पैसे देने के लिए कहा था।

सेल ने यह भी दावा किया था कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एक अधिकारी ने उनसे 10 कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने को कहा था। इसके बाद गोसावी ने सेल को मामले में पंच (गवाह) के रूप में हस्ताक्षर करने का निर्देश दिया।

2 अक्टूबर को, खान, उसके दोस्त अरबाज मर्चेंट, मॉडल मुनमुम धमेचा और पांच अन्य को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मुंबई के तट पर एक क्रूज जहाज पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने जहाज से 13 ग्राम कोकीन, पांच ग्राम मेफेड्रोन, 21 ग्राम चरस, 22 गोलियां एमडीएमए (एक्स्टसी) और 1.3 लाख रुपये जब्त करने का दावा किया था.

28 अक्टूबर को, बॉम्बे हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों, खान, मर्चेंट और धमेचा को जमानत दे दी और कहा कि उनके बीच साजिश का कोई सबूत नहीं था। विशेष रूप से, आदेश में कहा गया था कि खान ने छापे के दौरान कोई ड्रग्स नहीं लिया था, जबकि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अक्टूबर में दावा किया था कि वह प्रतिबंधित पदार्थों के “सचेत कब्जे” में पाया गया था।

2 मार्च को, कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की विशेष जांच टीम को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि खान एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा था। हालांकि, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के उप महानिदेशक (संचालन) संजय कुमार सिंह ने रिपोर्टों का खंडन किया और स्क्रॉल डॉट इन को बताया कि खान को मामले में किसी भी आरोप से मुक्त नहीं किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *